वाराणसी में शांति मार्च: युद्ध रोकने की अपील, ‘दुनिया को तबाही से बचाओ’ का संदेश

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। काशी में सोमवार को युद्ध विराम और विश्व शांति की मांग को लेकर साझा संस्कृति मंच के बैनर तले शांति मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
सिगरा शहीद उद्यान से शुरू हुआ यह मार्च Bharat Mata Temple तक गया। हाथों में तख्तियां और मोमबत्तियां लिए प्रतिभागियों ने “शांति सद्भाव अपनाओ, दुनिया को तबाही से बचाओ” और “प्रेम के गीत गाओ” जैसे नारे लगाए।
मार्च का नेतृत्व कर रहे फादर आनंद ने कहा कि Iran और Israel के बीच बढ़ता तनाव केवल सीमित क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के आम लोगों को प्रभावित कर रहा है।उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव से तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी और किल्लत की आशंका है।
गांधीवादी कार्यकर्ता जागृति राही ने कहा कि संकट सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि MRI मशीनों में उपयोग होने वाली हीलियम गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा।वहीं किसान नेता रामजनम यादव ने चेतावनी दी कि ईरान क्षेत्र से जुड़े समुद्री मार्ग प्रभावित होने पर उर्वरकों के दाम 20-30% तक बढ़ सकते हैं, जिससे कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सवाल उठाया कि युद्ध को “उत्सव” की तरह दिखाने की प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है। उन्होंने निर्दोष लोगों, खासकर बच्चों की मौत पर चिंता जताई।साथ ही NAPM से जुड़े सतीश सिंह ने Mahatma Gandhi के 1930 के नमक सत्याग्रह का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी दुनिया को अहिंसा और गुटनिरपेक्षता के रास्ते की जरूरत है।
मंच की ओर से कुसुम वर्मा ने सरकार और समाज के सामने ये प्रमुख मांगें रखीं:
युद्ध को “उत्सव” की तरह दिखाने वाली मीडिया की जवाबदेही तय हो
महंगाई पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए
साम्राज्यवादी युद्ध तुरंत रोके जाएं
पर्यावरण और मानव जीवन की सुरक्षा हो
भारत शांति और कूटनीति में नेतृत्व करे
कार्यक्रम के दौरान प्रेरणा कला मंच के कलाकारों ने शांति, सद्भाव और विश्व बंधुत्व के गीत प्रस्तुत किए।इस शांति मार्च में डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, संजीव सिंह, सरिता पटेल, फादर आनंद, जागृति राही, कुसुम वर्मा, सतीश सिंह समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक शामिल रहे।

