लोकसभा में राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, बजट और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को बताया ‘सरेंडर’

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। लोकसभा में आम बजट 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपने संबोधन में राहुल गांधी आक्रामक तेवर में नजर आए और बजट को मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के मुकाबले अपर्याप्त बताया। उन्होंने अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते, बढ़ते टैरिफ और डिजिटल डेटा नीतियों को लेकर सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने व्यापार समझौते के जरिए भारत के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रेड नियमों, डेटा लोकलाइजेशन और टैक्स नीतियों में ढील देकर देश के डेटा पर नियंत्रण कमजोर किया गया है। उनके अनुसार, सरकार ने अमेरिकी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाले प्रावधान स्वीकार किए हैं, जिनमें डिजिटल टैक्स पर सीमाएं और डेटा के मुक्त प्रवाह की अनुमति शामिल है।
उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका भारत पर करीब तीन प्रतिशत टैरिफ लगाता था, जो अब बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राहुल ने दावा किया कि अमेरिका से आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर तक जाने की संभावना है, जबकि भारत को समान लाभ नहीं मिला। उन्होंने टेक्सटाइल सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय उद्योग पर अधिक टैरिफ का असर पड़ेगा, जबकि कुछ अन्य देशों को रियायतें मिल सकती हैं।
कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया है, जिससे किसानों पर दबाव बढ़ सकता है। ऊर्जा आयात और तेल खरीद के मुद्दे पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की नीतिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
अपने भाषण में राहुल गांधी ने अदाणी और अंबानी समूहों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े उद्योग समूहों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रहे सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लगाए गए आरोपों के समर्थन में वे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला दे सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में भारत को बराबरी की शर्तों पर बातचीत करनी चाहिए। उनके मुताबिक, देश का डेटा और आर्थिक हित भविष्य की रणनीतिक संपत्ति हैं, जिनकी रक्षा जरूरी है।
सरकार की ओर से उनके आरोपों पर सदन में जवाब दिए जाने की संभावना है। बजट और व्यापार समझौते को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।

