मणिकर्णिका घाट विवाद में बढ़ी सख्ती: पाल समाज का प्रदर्शन, 18 हिरासत में

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। मणिकर्णिका घाट से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा से जुड़े आरोपों के बीच पाल समाज के लोग मणिकर्णिका घाट पर धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान “रानी अहिल्याबाई अमर रहें” के नारे लगाए गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बिना अनुमति धरना देने के आरोप में 18 लोगों को हिरासत में लेकर चौक थाने ले गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी कहासुनी भी हुई।पुलिस के अनुसार, धरना रोकने के प्रयास में स्थिति बिगड़ गई और धक्का-मुक्की होने लगी।
आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाना पड़ा। प्रशासन ने इस मामले में 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पाल समाज के लोगों का कहना है कि वे घाट पर जाकर वास्तविक स्थिति देखना चाहते थे और कथित तोड़फोड़ को देश व प्रदेश का अपमान बता रहे हैं।इधर, मणिकर्णिका घाट से जोड़कर भ्रामक टिप्पणियां और एआई जनरेटेड वीडियो वायरल करने के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित कुंभ महादेव मंदिर का वीडियो मणिकर्णिका घाट का बताकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो पूरी तरह भ्रामक है।
इस मामले में चौक थाने की पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सहित आठ लोगों को नोटिस जारी किया है। सभी को तीन दिन के भीतर थाने में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने को कहा गया है।डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने स्पष्ट किया कि कुंभ महादेव मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है और वहां नियमित पूजा-अर्चना हो रही है। इसके बावजूद मंदिर और मूर्तियों को खंडित बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है, जो धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश है। ऐसे पोस्ट और टिप्पणियां करने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

