काशी में ‘हनुमान ध्वजा यात्रा’ का भव्य आयोजन, 25 हजार भक्तों की भीड़ और 1100 गदाधारियों ने रचा इतिहास
100 डमरुओं की गूंज, 60 फीट रथ पर राम दरबार; ‘मांस-मदिरा मुक्त काशी’ का लिया संकल्प

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। धर्म और आस्था की नगरी वाराणसी में मंगलवार को भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री हनुमत सेवा समिति (नेवादा) द्वारा आयोजित ‘श्री हनुमान ध्वजा यात्रा’ के 23वें वर्ष में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। करीब 25 हजार भक्तों की मौजूदगी और 1100 गदाधारी श्रद्धालुओं के साथ यह यात्रा अपने आप में ऐतिहासिक बन गई।
यात्रा का शुभारंभ भिखारीपुर तिराहे से हुआ, जहां सुबह-सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 11 ब्राह्मणों ने पूजन किया। 60 फीट लंबे भव्य रथ पर राम दरबार और पालकी में विराजमान हनुमान जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
ढोल-नगाड़ों और 100 से अधिक डमरुओं की गूंज से पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
गदाधारी भक्तों की झलकयात्रा में 1100 श्रद्धालु हाथों में गदा लेकर शामिल हुए, जो शक्ति और समर्पण का प्रतीक बने।👩 नारी शक्ति का प्रदर्शननारी वाहिनी ने तलवार और दंड के प्रदर्शन से अपनी शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।🎭 सजीव झांकियां और बैंडअघोरी दल, राम दरबार की प्रतिकृति और मध्य प्रदेश का बैंड आकर्षण का केंद्र रहा।
गदाधारी भक्तों की झलक
यात्रा में 1100 श्रद्धालु हाथों में गदा लेकर शामिल हुए, जो शक्ति और समर्पण का प्रतीक बने।
👩 नारी शक्ति का प्रदर्शन
नारी वाहिनी ने तलवार और दंड के प्रदर्शन से अपनी शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
🎭 सजीव झांकियां और बैंड
अघोरी दल, राम दरबार की प्रतिकृति और मध्य प्रदेश का बैंड आकर्षण का केंद्र रहा।
करीब 5.25 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 200 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए, जहां जूस, लस्सी, फल और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया।समिति की ओर से 501 किलो लड्डू का महाप्रसाद भी वितरित किया गया।
यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने काशी को मांस और मदिरा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। “अभियान पवित्र काशी” की झांकी ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया।





