काशी में भगवान जगन्नाथ की तीन दिवसीय रथयात्रा शुरू, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ की तीन दिवसीय रथयात्रा मेले का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। प्रातः 5 बजे भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का विधि-विधान से पीतांबरी श्रृंगार किया गया। मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचने लगे।मंदिर में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। वहीं, श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप नानखटाई और तुलसी पत्र वितरित किए गए। करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में फैले रथयात्रा मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित राधेश्याम पांडेय ने बताया कि रथयात्रा के प्रथम दिन भगवान का पीतांबरी श्रृंगार किया गया और उन्हें पीले पेड़े का विशेष भोग अर्पित किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान बुधवार को पालकी में मंदिर से निकलकर बेनीराम बगीचे पहुंचे थे, जहां रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार भोर में उन्हें विधि-विधान से रथ पर विराजमान कराया गया। आगामी तीन दिनों तक भगवान रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे और रथयात्रा मेला श्रद्धा एवं उत्साह के साथ जारी रहेगा।

इस वर्ष पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को एक ओर से प्रवेश कराया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर से बाहर निकाला जा रहा है, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है।सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तीन थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इसके अलावा एसीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

