उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान की 110वीं जयंती पर काशी में श्रद्धांजलि, अजय राय ने मजार पर चढ़ाए फूल

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। भारत रत्न से सम्मानित शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान की 110वीं जयंती पर सिगरा स्थित फरमान दरगाह में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर अजय राय ने मजार पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया।इस दौरान अजय राय ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान केवल एक महान शहनाई वादक ही नहीं, बल्कि काशी की पहचान और गंगा-जमुनी तहज़ीब के जीवंत प्रतीक थे। उनकी शहनाई की मधुर धुनों ने काशी को विश्व स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।उन्होंने कहा कि उस्ताद का माँ गंगा और काशी से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव था। वे अक्सर गंगा किनारे बैठकर शहनाई का रियाज़ करते थे, जिसमें घाटों की आध्यात्मिकता, मंदिरों की घंटियों और गंगा की लहरों की पवित्रता का समावेश महसूस होता था।अजय राय ने आगे कहा कि बिस्मिल्लाह ख़ान का पूरा जीवन आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भावना को मजबूत करने में समर्पित रहा। उन्हें होली और ईद दोनों पर्वों से समान लगाव था और वे सभी धर्मों में समान आस्था रखते थे। उनकी शहनाई की धुनें केवल संगीत नहीं, बल्कि इंसानियत और एकता का संदेश थीं।इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी मजार पर पुष्प अर्पित कर महान विभूति को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में राघवेंद्र चौबे, सफक रिजवी, प्रिंस राय खगोलन, शकील जादूगर, विश्वनाथ कुँवर, किशन यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।

