काशी द्वार योजना के विरोध में सर्किट हाउस में हंगामा, केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान की प्रेस कॉन्फ्रेंस बाधित

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। शनिवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय बाधित हो गई, जब काशी द्वार आवासीय योजना के विरोध में किसानों और कुछ स्थानीय लोगों ने सर्किट हाउस में हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी योजना को रद्द करने और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।करीब 8 से 10 लोग प्लेकार्ड लेकर सर्किट हाउस के सभागार में पहुंचे और नारेबाजी करते हुए डायस पर चढ़ गए। मंत्री कमलेश पासवान ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की और उनकी मांगों से जुड़ा पत्रक लेकर उचित मंच पर विचार का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बावजूद हंगामा जारी रहा।स्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर निकल गए। मंत्री बजट 1 फरवरी को पेश किए गए मोदी सरकार के बजट पर चर्चा के लिए सर्किट हाउस पहुंचे थे। उनके जाने के बाद भी प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने हंगामे के आरोप में कांग्रेस नेता वैभव त्रिपाठी और मानस त्रिपाठी सहित कुल 10 किसानों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रदर्शन में पिंडरा क्षेत्र के मानापुर, चनौली, चकइन्दर और जद्दुपुर गांवों के किसान शामिल थे।किसानों का कहना है कि पिंडरा तहसील क्षेत्र के 10 गांवों की 800 एकड़ से अधिक जमीन काशी द्वार आवासीय योजना के तहत अधिग्रहित की जा रही है, जहां हाईटेक कॉलोनी बसाने की योजना है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की जमीन का मुआवजा लाखों में तय किया जा रहा है। डीएम सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है और रजिस्ट्री भी रोक दी गई है, जिससे किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे और जरूरत पड़ी तो जेल जाने को भी तैयार हैं। उधर, एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस पूर्व निर्धारित थी और किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए समझाया गया था। यदि इस मामले में कोई लिखित तहरीर मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

