संसद के बजट सत्र में हंगामा, पश्चिम एशिया संकट पर जयशंकर का बयान; लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हुआ, लेकिन हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित रही और इसे मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं राज्यसभा में कामकाज जारी रहा।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति पर सदन को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई चेतावनियां और एडवाइजरी जारी की गई हैं।
जयशंकर के अनुसार, 14 जनवरी को जारी दूसरी एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से क्षेत्र की यात्रा से बचने और अधिक सतर्क रहने की अपील की गई थी। उसी दिन मुंबई स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए भी चेतावनी जारी की और उन्हें दूतावास के निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक गतिविधियों से बचने को कहा गया। भर्ती और शिपिंग कंपनियों को भी भारतीय नाविकों को ईरान भेजने से रोकने का निर्देश दिया गया।
विदेश मंत्री ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 14 फरवरी को एक और एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों और व्यापारियों से उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग कर देश छोड़ने की सलाह दी। 23 फरवरी को इसे और सख्त शब्दों में दोहराया गया। सरकार ने 24×7 सहायता सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 67 हजार भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार कर सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाना है।
जयशंकर ने बताया कि 1 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक भी हुई, जिसमें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा की गई।
इस बीच विपक्ष ने पश्चिम एशिया संकट पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक हालात का असर सीधे भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि देश अपनी लगभग 55 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें इसी क्षेत्र से पूरी करता है और करीब एक करोड़ भारतीय वहां काम करते हैं।
वहीं भाजपा अध्यक्ष और सांसद जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने स्थिति पर स्पष्ट और विस्तृत जानकारी दी है, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है।
लोकसभा में पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रहने पर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी कहा कि केवल बयान पढ़कर सुनाना पर्याप्त नहीं है और सांसदों को इस विषय पर सवाल पूछने व चर्चा करने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं मिलने के कारण ही वॉकआउट किया गया।
इधर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रल्हाद जोशी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर सदन में नियमानुसार चर्चा होगी।
कुल मिलाकर पश्चिम एशिया संकट और संसद में राजनीतिक टकराव के बीच बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामे के साथ शुरू हुआ।

