19 वर्षीय मिरा एंड्रीवा बनीं फ्रेंच ओपन चैंपियन, पहला ग्रैंड स्लैम जीतकर रचा इतिहास

पेरिस। रूस की युवा टेनिस सनसनी मिरा एंड्रीवा ने फ्रेंच ओपन 2026 महिला एकल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में 19 वर्षीय एंड्रीवा ने पोलैंड की माजा च्वालिंसका को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किया।
इस जीत के साथ एंड्रीवा फ्रेंच ओपन जीतने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं। 1992 में मोनिका सेलेस के बाद इतनी कम उम्र में रोलां गैरो का खिताब जीतने वाली वह पहली खिलाड़ी बनी हैं।
फाइनल में एंड्रीवा ने शुरुआत से ही आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया। उन्होंने दोनों सेटों में शुरुआती दौर में ही प्रतिद्वंद्वी की सर्विस ब्रेक कर बढ़त बनाई और मुकाबले पर लगातार नियंत्रण बनाए रखा। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज एंड्रीवा ने अपने दमदार बेसलाइन शॉट्स, तेज फुटवर्क और सटीक सर्विस के जरिए च्वालिंसका को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
हालांकि हार के बावजूद माजा च्वालिंसका का सफर भी बेहद यादगार रहा। विश्व रैंकिंग में काफी पीछे रहने वाली च्वालिंसका क्वालिफायर के तौर पर टूर्नामेंट में उतरी थीं और लगातार नौ मुकाबले जीतकर फाइनल तक पहुंचीं। वह क्वालिफाइंग ड्रॉ से फ्रेंच ओपन फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनकर चर्चा में रहीं।
एंड्रीवा ने सेमीफाइनल में 15वीं वरीयता प्राप्त मार्टा कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। पिछले कुछ वर्षों में क्ले कोर्ट पर उनके प्रदर्शन में लगातार निखार आया है और वह इससे पहले भी रोलां गैरो में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी थीं।
फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब एंड्रीवा के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। महज 19 वर्ष की उम्र में ग्रैंड स्लैम जीतकर उन्होंने महिला टेनिस की नई सुपरस्टार के रूप में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एंड्रीवा महिला टेनिस जगत की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो सकती हैं।

