राष्ट्रपति के सम्मान से समझौता संविधान का अपमान: पश्चिम बंगाल सरकार पर पीएम मोदी का आरोप

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान द्रौपदी मुर्मू के सम्मान के साथ समझौता किया गया, जो न केवल राष्ट्रपति बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं का भी अपमान है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं। लेकिन इस महत्वपूर्ण आयोजन में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं दिया गया और राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और हमेशा आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण को लेकर सक्रिय रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से इस कार्यक्रम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई।
प्रधानमंत्री के अनुसार, आयोजन के दौरान अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, बल्कि भारत के संविधान की मूल भावना के भी खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक होता है और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस पद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने राज्य सरकार पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।
इस बीच केंद्र सरकार ने इस मामले में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल और सुरक्षा से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर राज्य सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक जवाब देने को कहा गया है।
केंद्र का कहना है कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत के लिए मौजूद न होना राष्ट्रपति की यात्रा से जुड़े “ब्लू बुक” प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाता है।

