सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिलने पर वोट का अधिकार, पूरक मतदाता सूची जारी करने के निर्देश

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के नाम अपीलीय ट्रिब्यूनल से चुनाव से ठीक पहले तक मंजूर हो जाते हैं, उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव से दो दिन पहले तक ट्रिब्यूनल से मंजूरी पाने वाले लोग आगामी विधानसभा चुनाव में वोट डाल सकेंगे। इसके साथ ही चुनाव आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह 21 अप्रैल और 27 अप्रैल 2026 तक अपीलीय आदेशों के आधार पर पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी करे, ताकि पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहें।
हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि जिन लोगों की अपील अभी लंबित है, उन्हें केवल अपील दाखिल करने के आधार पर मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए अपील का निपटारा होना जरूरी होगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूरी जांच प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण रही है और कम समय में इसे पूरा करना आसान नहीं था। साथ ही अदालत ने चेतावनी दी कि अपीलीय स्तर पर आपत्तियों के जरिए प्रक्रिया को दोबारा खोलने की कोशिश न की जाए, जिससे चुनाव प्रभावित हो सकता है।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों की बहाली के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन करें। उन्होंने बताया कि पहले चरण के लिए 21 अप्रैल को और दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल को पूरक मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसके आधार पर मतदान होगा।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को लोकतंत्र के लिए मजबूत कदम बताते हुए न्यायपालिका पर भरोसा जताया और कहा कि यह निर्णय योग्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगा।

