जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हिंसक: छात्रों और पुलिस में झड़प, पथराव के बाद आंसू गैस; दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान बुधवार रात स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में डंडे लिए पुलिसकर्मियों से भिड़ते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।इससे पहले 20 जुलाई को सीजेपी (CJP) के ‘संसद मार्च’ के दौरान भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। उस समय प्रदर्शनकारी संसद परिसर के निकट पहुंच गए थे, जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया था।
इस बीच आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को उनकी जरूरत है और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी जारी रहेगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली बुलाने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2,000 जवानों को कोलकाता से एयरलिफ्ट कर राजधानी पहुंचाया गया है। सुरक्षा कारणों से दिन में दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन अस्थायी रूप से बंद किए गए थे, जिन्हें बाद में खोल दिया गया।दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान पर कथित हमले और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
उधर, छात्रों के साथ कथित मारपीट के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।संसद मार्ग क्षेत्र में भी देर शाम एक और झड़प की सूचना मिली, जिसमें एक एसीपी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त स्वयं संसद स्ट्रीट थाने पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने देर रात प्रेस वार्ता में बताया कि उन्होंने अस्पताल जाकर सोनम वांगचुक का हालचाल जाना और उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बातों को गंभीरता से सुनेगी। नड्डा ने यह भी बताया कि वांगचुक की ओर से मिले खुले पत्र का सरकार जल्द जवाब देगी।

