पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश की तस्वीर बदली है-सुरेश खन्ना

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा वाराणसी जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्र सरकार के बेमिसाल 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में पत्र-प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए केंद्र सरकार द्वारा कराये गए जनकल्याणकारी विकास योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा की पीएम मोदी को प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की तस्वीर बदली है। अब तक ऐतिहासिक विकास एवं जनहितकारी निर्माण कार्य कराए गए हैं। पहले बेरोजगार युवकों को अपने प्रमाण पत्रों को प्रमाणित कराने के लिये राजपत्रित अधिकारी के पास जाना होता था, अपने प्रधानमंत्री काल के पहले वर्ष में ही सेल्फ अटैस्टेड की व्यवस्था बनाई। उत्तर प्रदेश में 10 स्मार्ट सिटी बनाया गया। जबकि प्रदेश के 7 सिटी को उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी बनाया। वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाना है और उसी विजन के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
मंत्री सुरेश खन्ना ने जनपद वाराणसी की विगत 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ बताते हुए कहा कि काशी का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं धार्मिक पुनर्जागरण हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के धाम को भव्य, दिव्य एवं विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत गंगा घाटों का व्यापक पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय संरक्षण सुनिश्चित किया गया। पंचकोशी परिक्रमा पथ के पांच प्रमुख पड़ावों- कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर एवं कपिलधारा का व्यापक विकास कराया गया। पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग ₹97 करोड़ तथा धार्मिक एवं पर्यटन विकास पर लगभग ₹39.30 करोड़ व्यय किए गए। 42 धर्मशालाओं, तालाबों, घाटों एवं तीर्थ सुविधाओं का विकास किया गया। सारनाथ में बुद्ध थीम पार्क, प्रकाश एवं ध्वनि शो, पर्यटक आवास गृहों के उन्नयन, सारंगनाथ मंदिर विकास एवं बौद्ध पर्यटन सुविधाओं पर करोड़ों रुपये व्यय किए गए। संत रविदास जन्मस्थली सीरगोवर्धन, कालभैरव मंदिर, केदारेश्वर, ओंकारेश्वर एवं अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास कराया गया। काशी यात्रा ऐप विकसित कर श्रद्धालुओं को बहुभाषीय डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई गई।
आधुनिक आधारभूत संरचना एवं अभूतपूर्व कनेक्टिविटी की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि विगत 12 वर्षों में वाराणसी की आधारभूत संरचना में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम, रिंग रोड, स्मार्ट सिटी, गंगा घाटों का पुनर्विकास, पंचकोसी यात्रा मार्ग, आधुनिक स्वास्थ्य संस्थान, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, किसानों- उद्यमियों को वित्तीय सहायता, और पर्यटन-आधारित अवसंरचना ने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है। रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, फोरलेन मार्गों, फ्लाईओवरों, रेलवे ओवरब्रिजों एवं संपर्क मार्गों के निर्माण से जनपद की यातायात व्यवस्था पूरी तरह परिवर्तित हुई है।
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि काशी में विगत 12 वर्षों में रू0 36,211 करोड़ से अधिक लागत की मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, एसटीपी, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास एवं पुलिस कल्याण आदि से सम्बन्धित 536 मुख्य वृहद् परियोजनायें पूर्ण कराकर आमजन को लोकार्पित की गयी हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 25,000 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनपद में रू0 22,829 करोड़ से अधिक लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण सम्बन्धी 127 परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण कराया गया है। इसके अतिरिक्त रू 5,813 करोड़ से अधिक लागत के सड़को एवं सेत्तुओं का निर्माण कार्य प्रगति है। 01,529 करोड़ से अधिक लागत से रेलवे, एयर पोर्ट एवं जलमार्ग का निर्माण पूर्ण कराया गया है। इसके अतिरिक्त 4,934 करोड़ से अधिक लागत की रेलवे, एयरपोर्ट व अन्य परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। लगभग ₹3,375 करोड़ की लागत से 784 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया गया। बाबतपुर मार्ग, लहरतारा – चौकाघाट फ्लाईओवर एवं अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं ने शहर को जाममुक्त एवं तीव्र गतिशील बनाया है। ग्रामीण संपर्क मार्गों के विस्तार से गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बाजार से बेहतर जोड़ मिला है। स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत जनपद में रू0 877.65 करोड़ की लागत से 34 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं जिनमें मुख्य रूप से काशी इन्टीग्रेटेड कमाण्ड कन्ट्रोल सेन्टर, शहर में 720 स्थलों पर उन्नत सर्विलांस कैमरे, वाराणसी स्पोट्र्स काम्पलेक्स सिगरा, टाउन हाल शापिंग काम्प्लेक्स का निर्माण, थ्री डी अरबन डिजिटल मैप एवं गौदौलिया चैक पर मल्टीलेवल टू व्हीलर पार्किंग का निर्माण आदि है। रू0 1000 करोड़ से अधिक लागत की 60 सीवरेज एवं पेयजल सम्बन्धी परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 2100 करोड़ से अधिक लागत की पेयजल एंव सीवरेज सम्बन्धी परियोजनायें प्रगति पर हैं। रू0 512 करोड़ से अधिक लागत की शिक्षा से सम्बन्धित 32 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त रू0 544 करोड़ से अधिक लागत की 10 परियोजनाओं का निर्माण प्रगति में है। रू0 1100 करोड़ की लागत से शहरी विद्युत सुधार कार्य, 3722 मजरो में विद्युतीकरण, 220 के०वी० विद्युत उपकेन्द्र निर्माण एवं बायो सीएनजी प्लान्ट आदि का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त रू 1,657 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं का निर्माण प्रगति में है। रू0 1870.36 करोड़ की लागत से स्वास्थ्य सम्बन्धी 43 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं, जिनमें मुख्य रूप से कैंसर इन्सटीटयूट, होमी भाभा कैन्सर हास्पिटल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 430 शैय्यायुक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण, जिला महिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में सौ शैय्यायुक्त मैटरनिटी विंग का निर्माण एवं बोन मैरो ट्रान्सप्लान्ट एण्ड स्टेम सेल रिसर्च सेन्टर हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में स्वास्थ्य अवस्थापनाओं सम्बन्धी 914 करोड़ की परियोजनायें निर्माणाधीन हैं। रू0 128.07 करोड़ की लागत से खेलकूद सम्बन्धी 06 परियोजनायें पूर्ण करायी गयीं है जिनमें सिगरा स्पोर्टस स्टेडियम, जिला शूटिंग रेंज स्पोर्टस स्टेडियम, लालपुर में 100 बेड क्षमता के बालक, बालिका छात्रावास व पब्लिक पवेलियन आदि मुख्य हैं। पुलिस वेलफेयर से सम्बन्धित रू087 करोड़ की लागत से 17 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त रू088 करोड़ की लागत से 03 परियोजनायें प्रगति पर हैं। वाराणसी शहर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निकट ग्राम-गंजारी में लगभग 100-150 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त क्षेत्र को काशी स्पोर्ट सिटी टाउनशिप के रूप में विकसित किये जाने की योजना है।

