अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को काशी में अंतिम विदाई, मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। भारतीय निशानेबाजी जगत के प्रतिष्ठित खिलाड़ी जसपाल राणा को शनिवार शाम काशी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर है और देशभर से खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों तथा खेल प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।शिवपुर स्थित चांदमारी रिंग रोड के ‘द कासा रिजॉर्ट’ से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में परिजनों, शुभचिंतकों, खेल जगत से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। रिजॉर्ट परिसर में पार्थिव शरीर को विशेष बॉक्स से बाहर निकालकर परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार अर्थी सजाई गई। उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस दौरान विधायक पंकज सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने अर्थी को कंधा देकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद अंतिम यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई। घाट पर पहले से ही अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। शाम करीब सात बजे पार्थिव शरीर के पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।इससे पहले शनिवार दोपहर अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा का पार्थिव शरीर चार्टर विमान से लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, वाराणसी लाया गया। दोपहर करीब 3:45 बजे पार्थिव शरीर के पहुंचने पर एयरपोर्ट परिसर में शोक और श्रद्धांजलि का भावुक माहौल देखने को मिला।पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन स्थित एयर कार्गो परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां परिजनों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद लोगों ने जसपाल राणा को भारतीय निशानेबाजी का गौरव बताते हुए उनके खेल योगदान को याद किया। काशी की पावन धरती पर हुए उनके अंतिम संस्कार के दौरान कई खेल प्रेमी भावुक नजर आए और उनकी उपलब्धियों को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

