सोमवती अमावस्या में गंगा घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। पवित्र पुरुषोत्तम मास (मलमास) के अंतिम दिन और सोमवती अमावस्या के दुर्लभ महासंयोग ने काशी के गंगा घाटों को आस्था के महासागर में बदल दिया। भोर होते ही लाखों श्रद्धालु गंगा तटों पर पहुंच गए और मां गंगा में पुण्य स्नान कर धर्म-लाभ अर्जित किया। घाटों पर श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ रही कि कदम रखने तक की जगह नहीं बची।स्थानीय निवासी रमेश पांडे के अनुसार, पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और भगवान के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का फल अक्षय होता है। इसी विश्वास के साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और मोक्ष की कामना की।स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रुख मंदिरों की ओर रहा, जहां भगवान के दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। पुरुषोत्तम मास के समापन पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं में अंतिम दिन दर्शन करने को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और नावों की निगरानी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से स्नान व दर्शन कर सकें।

