राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन ने संभाली कमान

अयोध्या, जनमुख न्यूज़। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद कृष्ण मोहन ने मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल ली है। पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रस्ट की सबसे बड़ी प्राथमिकता श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करना और व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
कृष्ण मोहन ने स्वीकार किया कि हाल की घटनाओं के बाद लोगों के मन में कुछ सवाल और संशय पैदा हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन आशंकाओं को दूर करने के लिए ट्रस्ट हर आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान की सुरक्षा के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।बैठक के दौरान ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन ने ट्रस्ट के संविधान का हवाला देते हुए बताया कि इस्तीफा दिए जाने के बाद वह स्वतः प्रभावी हो जाता है। इसके बाद दोनों के इस्तीफे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिए गए। साथ ही ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण में चंपत राय के लंबे योगदान की सराहना करते हुए उनके कार्यों को ऐतिहासिक बताया।
ट्रस्ट ने फिलहाल मंदिर की सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अंतरिम रूप से कृष्ण मोहन को सौंपी है। उन्हें नई टीम गठित कर प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित करने का दायित्व दिया गया है।प्रेस वार्ता में ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर मंदिर से कीमती वस्तुएं गायब होने की खबरों को भी पूरी तरह निराधार बताया। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर में भेंट स्वरूप प्राप्त करीब 2,800 प्रकार की वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है और आवश्यकता पड़ने पर इसे सार्वजनिक भी किया जा सकता है।
भविष्य में व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक छोटी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें एसआईटी जांच की प्रगति, नए न्यासियों की नियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया जाएगा।
ट्रस्ट ने दोहराया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसआईटी की जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ट्रस्ट ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

