वाराणसी में समान शिक्षा की मांग को लेकर तीन दिवसीय पदयात्रा शुरू, डॉ. संदीप पांडे बोले- ‘अमीर-गरीब सभी बच्चों को मिले एक जैसी शिक्षा’

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर सोमवार से वाराणसी में तीन दिवसीय पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी डॉ. संदीप पांडे के नेतृत्व में मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही से जनसभा के साथ यात्रा की शुरुआत हुई। पदयात्रा का मुख्य नारा है— “चाहे अमीर की हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा हो समान।”
आयोजकों के अनुसार यह पदयात्रा 13 से 15 जुलाई तक चलेगी। यात्रा लमही से शुरू होकर जनकवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ के गांव खेवली, लोकबंधु राजनारायण के गांव गंजारी होते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में संपन्न होगी।यात्रा के दौरान आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि संविधान समानता का अधिकार देता है, लेकिन आज भी समाज में जाति, धर्म, लिंग, भाषा और आर्थिक आधार पर असमानताएं बनी हुई हैं। उनका कहना था कि शिक्षा ही सामाजिक गैर-बराबरी को समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है, लेकिन वर्तमान शिक्षा व्यवस्था स्वयं असमानता को बढ़ावा दे रही है।
वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के बच्चों को बेहतर स्कूल, संसाधन और रोजगार के अवसर मिलते हैं, जबकि गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कोठारी आयोग की कॉमन स्कूल सिस्टम (समान विद्यालय प्रणाली) संबंधी सिफारिशों को लागू करने की मांग दोहराई।पदयात्रा के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्ष 2015 के उस सुझाव का भी उल्लेख किया गया, जिसमें सरकारी वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा सरकारी विद्यालयों में सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। वक्ताओं का कहना था कि इससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार होगा और सभी बच्चों को समान अवसर मिल सकेंगे।
आयोजकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे धरने के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।यात्रा के पहले दिन लमही से बड़ालालपुर, नातिनियादाई, नवलपुर, तरना और खेवली होते हुए कोरौती तक पदयात्रा निकाली गई। खेवली में जनकवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।
इस अवसर पर डॉ. संदीप पांडे, नंदलाल मास्टर, फादर आनंद, फादर प्रवीण, रामजनम यादव, अजित गौरव, आजाद गौतम, प्रमोद, रंजीत, गणेश, विजय, हीरा यादव, अवदेश यादव, अनिल मौर्य, मधुबाला, मनीषा, सीमा, अनीता, आशा राय, नेहा, काजल, ज्योति, सरोज सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

