नेपाल की भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़, 7 शव मिले; 384 लोग लापता

काठमांडू, जनमुख न्यूज़। उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आने से भारी तबाही मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में अब तक सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना है। नेपाल पर्यटन से मिली जानकारी के अनुसार लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक, 105 भारतीय और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हताहतों और नुकसान की पूरी तरह पुष्टि नहीं की है।तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ से रसुवा जिले के तिमुरे और स्याब्रुबेसी समेत कई सीमावर्ती इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ है। बाढ़ के पानी में घर, वाहन, पुल और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं बह गईं। नेपाल सेना के मुताबिक कई जगहों पर व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्तियां भी पानी में बह गईं।
उत्तरी रसुवा की एक सीमा चौकी पर तैनात नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के चार जवान लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं।रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में खड़े कई वाहन और वहां रखा सामान बाढ़ में बह गया। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी क्षतिग्रस्त होकर बह गया।
नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के अनुसार बाढ़ से 15 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 10 परियोजनाएं चालू थीं, जबकि पांच निर्माणाधीन थीं।
अधिकारियों के अनुसार स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की सूचना मिली। शुरुआती आकलन में बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आने की आशंका जताई जा रही है।
रसुवा जिले के प्रशासन अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थलों के बह जाने की सूचनाएं मिली हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका जताई, लेकिन तत्काल इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है।
नेपाल सेना ने भी तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही की जानकारी दी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर दूर और तिब्बत सीमा से सटे पहाड़ी जिले रसुवा की आबादी लगभग 50 हजार है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों से लगातार जानकारी जुटा रहा है, जिसके बाद ही बाढ़ से हुए कुल नुकसान और हताहतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

