वाराणसी में ‘कागजों पर संचालित’ सरकारी स्कूल को लेकर AAP का हमला, संजय सिंह ने सरकार को दिया एक महीने का अल्टीमेटम

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधा है। AAP के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कोनिया क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन पर स्कूल बंद है, जबकि सरकारी यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर उसे ऑपरेशनल दिखाया जा रहा है।संजय सिंह ने इसे बच्चों और अभिभावकों के साथ धोखा बताते हुए स्कूल की स्थिति की जांच कराने और उसे जल्द से जल्द ठीक कराकर मूल स्थान पर संचालित करने की मांग की।
संजय सिंह ने दावा किया कि कोनिया क्षेत्र स्थित विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण करीब तीन वर्ष पहले पढ़ाई दूसरे भवन में स्थानांतरित कर दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्कूल की मरम्मत के नाम पर इसे इतने लंबे समय से बंद रखा गया है तो अब तक काम पूरा क्यों नहीं हुआ।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तीन साल में स्कूल की मरम्मत पूरी नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मरम्मत के नाम पर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
संजय सिंह ने AAP प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद मुकेश सिंह के साथ पुलिस ने दमनकारी रवैया अपनाया।उन्होंने सवाल किया कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को सामने लाना क्या अपराध है? संजय सिंह ने कहा कि सरकार को अपनी कमियों को छिपाने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।
AAP नेता ने प्रदेश सरकार को एक महीने का समय देते हुए कहा कि कोनिया समेत जिन सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए धन जारी किया गया है, उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एक महीने के भीतर स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी दोबारा ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ शुरू करेगी।संजय सिंह ने कहा कि एफआईआर और कार्रवाई के बावजूद बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाने का अभियान नहीं रुकेगा।
AAP प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने प्रशासन की ओर से लगाए गए भ्रम फैलाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल वास्तविक रूप से स्थानांतरित है तो सरकारी पोर्टल पर उसकी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कोनिया सट्टी में स्थानांतरित विद्यालय को मूल स्थान पर पुनर्निर्मित कराकर दोबारा संचालित किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के लिए परेशान न होना पड़े।AAP नेताओं ने स्कूल की स्थिति, उसके संचालन और U-DISE पोर्टल पर दर्ज जानकारी की जांच कराने की मांग भी उठाई।प्रेस वार्ता में काशी प्रांत अध्यक्ष पवन तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता, जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडेय समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

