वाराणसी से शुरू हुई एयर इंडिया की ‘ईज़ी कनेक्ट’ सेवा, अब छोटे शहरों से आसान होगी अंतरराष्ट्रीय यात्रा

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। एयर इंडिया ने भारत सरकार के नए हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत अपनी पहली ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ्लाइट की शुरुआत वाराणसी से की। इस नई सेवा का उद्देश्य देश के छोटे और मध्यम शहरों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से बेहतर तरीके से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए विदेशी ट्रांजिट हब पर निर्भर न रहना पड़े।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बुधवार सुबह 9:23 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-1111 दिल्ली के लिए रवाना हुई। पहले दिन इस सेवा के तहत कुल 200 यात्रियों ने यात्रा की, जिनमें 26 यात्री विभिन्न देशों के लिए कनेक्टिंग उड़ानों से आगे रवाना हुए।
इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने पहली ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ्लाइट का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नया हब-एंड-स्पोक मॉडल भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा और देश के किसी भी शहर से अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक सुगम बनाएगा।
एयर इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा कि अब वाराणसी, अमृतसर या विशाखापट्टनम जैसे शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए विदेशी एयरपोर्ट्स पर ट्रांजिट की असुविधा नहीं झेलनी पड़ेगी। यात्री अपने शहर से यात्रा शुरू कर सीधे भारतीय हब एयरपोर्ट्स के जरिए दुनिया के प्रमुख गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।
वाराणसी से दिल्ली पहुंचने वाली यह फ्लाइट चार घंटे के भीतर लंदन, रोम, मिलान, फ्रैंकफर्ट, ज्यूरिख, दुबई, रियाद, जेद्दा, कोलंबो, काठमांडू और फुकेत समेत 17 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सहज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है।लॉन्च कार्यक्रम के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एयर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी रही। मंत्री ने पहली उड़ान के पहले यात्री को स्मृति स्वरूप विशेष बोर्डिंग पास भी प्रदान किया।
एयर इंडिया देश की पहली एयरलाइन बन गई है जिसने इस प्रकार की व्यापक हब-एंड-स्पोक सेवा शुरू की है। आने वाले महीनों में अहमदाबाद, अमृतसर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, पटना, वडोदरा और विशाखापट्टनम समेत कई अन्य शहरों से भी ‘ईज़ी कनेक्ट’ सेवा शुरू की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत से हर वर्ष लगभग 2.5 करोड़ यात्री लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या को विदेशी ट्रांजिट हब का उपयोग करना पड़ता है। एयर इंडिया की यह नई पहल भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक और समयबचत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

