यूपी में कानून व्यवस्था पर अजय राय का हमला, बोले- गाजीपुर से गाजियाबाद तक अपराधियों का बोलबाला

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही हत्या और अपराध की घटनाओं ने सरकार के “अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश” के दावों की पोल खोल दी है। गाजीपुर से लेकर गाजियाबाद तक हुई हत्याएं प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था की गवाही दे रही हैं।
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अजय राय ने कहा कि गाजीपुर के नितीश राय हत्याकांड, वाराणसी में विक्रम सिंह, मनीष कुमार सिंह, सूर्य प्रताप सिंह और रोहिताश पाल की हत्या, भदोही में आशीष यादव हत्याकांड, जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड तथा गाजियाबाद के त्यागी हत्याकांड जैसी घटनाओं ने आम जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और प्रदेश की जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि चुनिंदा मुद्दों पर आक्रोश सभा और प्रदर्शन करने वाले भाजपा नेता इन हत्या की घटनाओं पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध, लूट और संगठित अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार और उसके जनप्रतिनिधि इस पर जवाब देने से बच रहे हैं।
अजय राय ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की जगह “पुलिस स्टेट” बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे एनकाउंटर, हाफ एनकाउंटर और कथित फर्जी एनकाउंटर कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट की उन टिप्पणियों का भी उल्लेख किया, जिनमें पुलिस और प्रशासन को कानून के दायरे में रहकर कार्य करने की नसीहत दी गई थी।
उन्होंने कहा कि एडीआर और एनसीआरबी की रिपोर्टें भी प्रदेश में अपराध और राजनीति के गठजोड़ की ओर इशारा करती हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब सत्ता के शीर्ष स्तर पर ही गंभीर आरोपों वाले लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हों तो प्रदेश अपराधमुक्त कैसे होगा।
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि कानून का राज केवल संविधान सम्मत शासन से ही स्थापित किया जा सकता है। लोकतंत्र में न्याय का आधार कानून होता है, भय नहीं। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि गाजीपुर से गाजियाबाद तक हुई हत्याओं के आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए और प्रदेश की जनता को सुरक्षा का भरोसा दिया जाए।

