देव गुरु बृहस्पति भगवान का हरियाली एवं हिम श्रृंगार, भजन संध्या में गूंजे भक्ति गीत

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। श्रावण मास के अवसर पर दशाश्वमेध स्थित श्री श्री 1008 देव गुरु बृहस्पति भगवान का वार्षिक हरियाली एवं हिम श्रृंगार गुरुवार, 27 अगस्त को विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बाबा की भव्य दिव्य झांकी सजाई गई। भगवान को अर्धनारीश्वर स्वरूप में पालने पर सपरिवार विराजमान कराया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत देव गुरु बृहस्पति भगवान के पंचामृत स्नान से हुई। 11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत अभिषेक कराया। इसके बाद बाबा को स्वर्ण मुखौटा एवं छत्र के साथ अष्टधातु से निर्मित चांदी के आभूषणों से सजाया गया।मंदिर के मुख्य द्वार सहित पूरे परिसर को अशोक और कामिनी की पत्तियों, रंग-बिरंगे कपड़ों तथा विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
सायंकाल सात बजे से मध्यरात्रि तक ‘मां आदिशक्ति भजन मंडल’ की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों ने भगवान शिव और देवी मां की भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।श्री लालचंद्र चौरसिया ने गणेश वंदना ‘गणपति राखी मेरी लाज, पूरण कीजो मेरे काज’ से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद विक्की द्रविण ने ‘मंदिर के बाहर आज, बाबा तेरे दीवाने आए हैं’, अनिल राज ने ‘बम-बम बोल रहा है काशी’ और विजय चतुर्वेदी ने ‘मेरे बाबा भोले-भोले हैं’ प्रस्तुत किया।श्रीमती प्रियंका पांडेय ने ‘निबिया की डारी मईया, झुललिन झुलनवा’ की प्रस्तुति दी। भजन संध्या में संगत कलाकारों के रूप में ऑर्गन पर श्याम जी, नाल पर संजू भाई और पैड पर अभय यादव ने सहयोग किया। कीर्तन का संचालन श्री लालचंद्र चौरसिया ने किया।
प्रातः चार बजे मंगला आरती तथा रात्रि एक बजे शयन आरती महंत अजय गिरी, संतोष गिरी, अभिषेक गिरी, अभय गिरी, पीयूष गिरी, छोटा महाराज वेदांत गिरी और लल्ला द्वारा संपन्न कराई गई। भोर की आरती रुद्राभिषेक के साथ हुई। इसके बाद गिरी परिवार की ओर से श्रद्धालुओं को भोग-प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक यादव, पप्पू यादव, पप्पू मौर्या, विजय सोनकर, संजय दुबे और राधेश्याम सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया। धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।

