बीएचयू में छात्रों का ‘न्याय मार्च’, सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। बीएचयू परिसर में सोमवार को सोनम वांगचुक के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने ‘छात्र न्याय मार्च’ निकाला। विश्वनाथ मंदिर से महिला महाविद्यालय तक निकाले गए इस मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे, जिससे परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
मार्च के दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान अफरातफरी में कुछ छात्र-छात्राएं गिर पड़े। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर ली गई।प्रदर्शन में शामिल छात्र हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग करते नजर आए। कई छात्र परिसर में खड़े वाहनों और दीवारों पर चढ़कर नारेबाजी करते हुए सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते रहे।
छात्र नेता रंजीत यादव ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए जाते और उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
बताया गया कि मार्च की सूचना पहले ही प्रशासन को दी गई थी। हालांकि, प्रदर्शन में अपेक्षा से अधिक संख्या में छात्रों के पहुंचने के कारण परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करनी पड़ी।

सिंह द्वार पर सपा ने भी किया प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और युवाओं ने सोमवार को बीएचयू सिंहद्वार पर देशभर में लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ तथा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके उपरांत राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
शास्त्री घाट पर भी हुआ प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी और कई सामाजिक संगठनों ने शास्त्री घाट पर प्रदर्शन किया। इन संगठनों द्वारा जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें शास्त्री घाट पर ही रोक दिया। पुलिस का कहना है कि आगे जाने की अनुमति नहीं है। अगर प्रदर्शन करना है तो शास्त्री घाट पर ही धरना दिया जा सकता है।

