यूपी के आयुष इंटर्न डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने की मांग, 7 सितंबर को पैदल मार्च की चेतावनी

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। उत्तर प्रदेश के सरकारी आयुष चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत इंटर्न डॉक्टरों ने मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि वे सरकारी आयुष अस्पतालों में 24 घंटे मरीजों की सेवा, रात्रि ड्यूटी और ओपीडी की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें वर्ष 2011 से अब तक केवल 7,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।
15 साल से मानदेय में नहीं हुआ संशोधन
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक करीब 15 वर्षों से मानदेय में कोई संशोधन नहीं किया गया है। वर्तमान मानदेय के हिसाब से उन्हें प्रतिदिन करीब 250 रुपये ही मिलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद महंगाई में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन उनका मानदेय पुराने स्तर पर ही बना हुआ है। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरे राज्यों से बताया बड़ा अंतर
इंटर्न डॉक्टरों ने पड़ोसी और अन्य राज्यों में मिलने वाले मानदेय का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में 27 हजार, दिल्ली में 26,500 और राजस्थान में 23,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश में महज 7,500 रुपये का मानदेय मिलने से आयुष इंटर्न डॉक्टरों में असंतोष है। उन्होंने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग की गाइडलाइन और समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप मानदेय में समानता की मांग की है।
कम से कम 25 हजार रुपये मानदेय की मांग
इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग है कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के इंटर्न डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।डॉक्टरों का दावा है कि मानदेय बढ़ाने से संबंधित फाइल पिछले कई महीनों से वित्त विभाग और आयुष विभाग के बीच लंबित है। उन्होंने शासन से मामले में जल्द निर्णय लेकर मंत्रिमंडल के माध्यम से शासनादेश जारी करने की मांग की है।
7 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च
इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि 3 सितंबर का प्रदर्शन केवल सांकेतिक शुरुआत है। यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो 7 सितंबर को राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, चौकाघाट से जिलाधिकारी कार्यालय वाराणसी तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला जाएगा।डॉक्टरों ने शासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

