मणिकर्णिका घाट मंदिर विवाद: शांतिपूर्ण अवलोकन पर जा रहे कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी, थाने से बाद में सभी रिहा

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। काशी के मणिकर्णिका घाट पर स्थित प्राचीन मंदिर से जुड़े प्रकरण ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मंदिर के ध्वस्तीकरण और उसकी मूर्तियों व अवशेषों को गुरुधाम मंदिर में सुरक्षित रखने के शासन–प्रशासन के दावों की वास्तविकता जानने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को शनिवार को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में सभी को थाने से रिहा कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शांतिपूर्ण ढंग से गुरुधाम मंदिर पहुंचकर मूर्तियों और अवशेषों का अवलोकन–दर्शन करना चाहते थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोकते हुए हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए नेताओं में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, सतनाम सिंह, महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा, प्रमोद वर्मा, धीरज सोनकर, संतोष चौरसिया, अफसर खान, नरसिंह वर्मा, खालिद सिद्दीकी और इमाम राजा शामिल रहे।
गिरफ्तारी के बाद महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र पर सीधा हमला है। कांग्रेस नेता किसी प्रकार का प्रदर्शन या अव्यवस्था फैलाने नहीं, बल्कि शासन–प्रशासन, मंत्री और विधायकों के दावों की सच्चाई जानने के लिए शांतिपूर्ण अवलोकन–दर्शन पर जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम की पूर्व सूचना जिला प्रशासन को दी गई थी और जिलाधिकारी से विधिवत अनुमति भी मांगी गई थी, जिसकी रिसीविंग कांग्रेस के पास मौजूद है।
राघवेन्द्र चौबे ने सवाल उठाया कि यदि मंदिर की मूर्तियां और अवशेष वास्तव में सुरक्षित हैं, तो कांग्रेस नेताओं को उन्हें देखने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि काशी की आस्था, परंपरा और विरासत से किसी भी तरह का खिलवाड़ कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी–योगी सरकार दमन और गिरफ्तारी के जरिए सवालों को दबाना चाहती है, लेकिन सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सत्य और आस्था की है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

