मणिकर्णिका घाट विवाद: सीएम के काशी दौरे के बाद एक्शन में प्रशासन, AI जनरेटेड वीडियो मामले में 8 पर केस दर्ज

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। मणिकर्णिका घाट पर मढ़ी और रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़े जाने से जुड़े विवाद के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काशी दौरे और वायरल वीडियो को एआई जनरेटेड बताए जाने के बाद कार्यदायी संस्था GVS इंजीनियरिंग कंसल्टेंट की ओर से चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने अपनी तहरीर में आठ लोगों को नामजद करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के एक हैंडल को भ्रामक और असत्य सूचना फैलाने का आरोपी बनाया है। आरोप है कि इन सोशल मीडिया यूजर्स ने अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़े जाने का कथित वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं, जो वास्तविक तथ्यों से परे और भ्रामक हैं।शनिवार शाम काशी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को कांग्रेस से जोड़ते हुए कहा था कि रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और कांग्रेस ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो बनाकर काशी को बदनाम करने की साजिश रची है। उन्होंने इस साजिश के पर्दाफाश की बात भी कही थी।इसी क्रम में शनिवार रात तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी GVS कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मानो पंच्चामल ने चौक थाने में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी मणिकर्णिका घाट पर सौंदर्यीकरण और विकास कार्य कर रही है। इस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ यूजर्स द्वारा कार्य से जुड़ी भ्रामक फोटो और वीडियो वायरल किए गए।तहरीर के अनुसार, एक्स हैंडल यूजर अशुतोष पोटनिस (@daksinapathpati) ने 16 जनवरी 2026 को रात 10:02 बजे ऐसे फोटो और वीडियो साझा किए, जो असत्य और निराधार थे। इन पोस्ट्स के जरिए हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले लोगों को गुमराह किया गया, जिससे समाज में आक्रोश फैलने और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ।प्रोजेक्ट मैनेजर ने आरोप लगाया कि इन पोस्ट्स के जरिए भारत सरकार की तुलना विदेशी आक्रांता औरंगजेब से की गई, जिससे सरकार में आस्था रखने वाले लोगों में भी रोष उत्पन्न हुआ। साथ ही, इन पोस्ट्स पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां और री-पोस्ट किए जाने से माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।पुलिस ने तहरीर के आधार पर आठ अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 298, 299 और 353 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने समाज में आक्रोश फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एआई जनरेटेड तस्वीरों व भ्रामक सूचनाओं का प्रचार किया।

