वाराणसी: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का कबीरचौरा अस्पताल में औचक निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद; स्वास्थ्य सेवाओं पर दिए सख्त निर्देश

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। वाराणसी दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार शाम श्री शिवप्रसाद गुप्ता मंडलीय चिकित्सालय (कबीरचौरा अस्पताल) का औचक निरीक्षण किया। करीब आधे घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की और व्यवस्थाओं की हकीकत जानी।
निरीक्षण के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। इमरजेंसी वार्ड के बाहर बैठी बुजुर्ग महिला तारामुनि से उपमुख्यमंत्री स्वयं उनके पास जाकर मिले। उन्होंने महिला के पैरों के पास बैठकर उनका हालचाल पूछा और बेटी के इलाज तथा अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। महिला द्वारा संतोषजनक जवाब मिलने पर उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया और आगे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वार्ड निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज बिना चादर के बेड पर भर्ती मिली। मरीज की स्थिति देखकर उपमुख्यमंत्री ने तत्काल अस्पताल प्रशासन को चादर उपलब्ध कराने और मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य मरीजों और तीमारदारों से भी पूछा कि कहीं बाहर से दवाएं तो नहीं मंगाई जा रहीं। अधिकांश मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल से ही दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
निरीक्षण के बाद चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक से सहज अंदाज में कहा कि हाथ जोड़ने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उपमुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में तैयार होने के बावजूद लैब शुरू न होने पर नाराजगी जताई। जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके तो उन्होंने अपर निदेशक को उसी रात निरीक्षण कर रिपोर्ट देने और लैब शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने कबीरचौरा अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की प्रगति की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य दिन-रात कराकर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि नए अस्पताल के तैयार होने तक मरीजों को अस्थायी रूप से निकट स्थित महिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

