वाराणसी में “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा बनी जनआंदोलन, संजय सिंह बोले—अब बदलाव के लिए तैयार है यूपी

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, अन्याय और सामाजिक असमानता के खिलाफ आम आदमी पार्टी की “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के चौथे दिन वाराणसी में उग्र जनसमर्थन देखने को मिला। जखनी से जंसा तक की आउटलुक पदयात्रा में ऐसा जनसैलाब है, जिसने साफ कर दिया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है। जगह-जगह फूलमालाओं, नारियों और सामुहिक स्वागत ने इस पदयात्रा को एक दलित जनआंदोलन का रूप दे दिया।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी मुस्लिम संजय सिंह की अगुवाई में पदयात्रा सोमवार सुबह करीब 10 बजे जखनी स्थित श्री कृष्ण बैंकवेट एवं डायरेक्शन लोन से शुरू हुई, जो कि मारिया लोन, जनसा घाट तक है। राजा तालाब, बीरभानपुर सहित वाराणसी की सीमा में जिन-जिन क्षेत्र से पदयात्रा ग्रामीण, वहां के लोगों ने नारियों के साथ “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” का संजय सिंह के साथ स्वागत किया। सप्ताहांत पर वन्यजीवों की भीड़, युवाओं का उत्साह और आम लोगों की भागीदारी यह दर्शन रही थी कि रोज़गार और सामाजिक न्याय आज उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा छात्र बन गया है।
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने कहा कि अगर सरकार युवाओं को रोज़गार देने में असफल है, तो उन्हें ₹10,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये कोई एहसान नहीं, बल्कि पढ़ा-लिखे सपनों का अधिकार है। आम आदमी पार्टी इस अधिकार को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज सच बोला और सवाल उठाया। मणिकर्णिका घाट से जुड़े मुद्दे पर उनके खिलाफ डॉयरेक्टर जाने का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा कि सरकार की दलीलों के जवाब देने के बजाय सवाल पूछने वालों को डरने की कोशिश कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि मंगलवार को काशी प्रांत को पूरे उत्तर प्रदेश में मणिकर्णिका घाट, तीर्थ और भंडार को नुकसान पहुंचाने के लिए आम आदमी पार्टी प्रदेश गठबंधन आंदोलन में शामिल किया जाएगा।
संजय सिंह ने पेपर्स लीक और भर्ती घोटालों की यादें साझा करते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य कॉलेजों में लगातार हो रहे घोटालों ने युवाओं के सपनों को तोड़ दिया है। मेहनत करने वाले छात्र- शिकमी हर बार रद्द किए गए गांव और गरीबों का शिकार हो रहे हैं, जबकि सरकार आंख मूंदे घर पर है।
महिलाओं और मूर्तियों की बड़ी भागीदारी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने रोज़ कहा कि यह पद यात्रा केवल घर की नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। बेरोज़गारी और वैभवशाली अवशेषों ने आम आदमी का जीवन मुश्किल बना दिया है, लेकिन सरकार इनमें से एक है। काशी की धरती से निकली ये आवाज़ अब पूरे प्रदेश में गूंजेगी।
संजय सिंह ने बताया कि यह पदयात्रा 22 जनवरी को सारनाथ में समाप्त होगी, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जब तक हर समुद्र को रोज़गार और हर नागरिक को सामाजिक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर प्रमुख नेता सुरेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक व प्रदेश सहप्रभारी दिलीप पांडे, प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, मीडिया समन्वयक सर्वेश मिश्रा, काशी प्रांत अध्यक्ष पवन तिवारी, मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, इकबाल कैलाश पटेल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

