यूजीसी बिल के खिलाफ सवर्ण समाज का विरोध तेज, भाजपा में इस्तीफों और बहिष्कार का सिलसिला

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समुदाय का असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को श्रावस्ती में भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राजकिशोर पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।इस्तीफे को लेकर बातचीत में सेवानिवृत्त शिक्षक राजकिशोर पांडेय ने कहा कि भाजपा सभी वर्गों और जातियों की पार्टी होने का दावा करती है, लेकिन यूजीसी के नए प्रावधानों में सवर्ण समाज को अलग कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से कॉलेज परिसरों में तनाव और मारपीट की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सवर्ण छात्रों के साथ भेदभाव और दुर्व्यवहार की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अपने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे से पीछे हटती दिख रही है। पांडेय ने दावा किया कि आने वाले दिनों में पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस्तीफा देकर आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।वहीं, भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि वे किशोरावस्था से भाजपा से जुड़े हैं और पार्टी में उनकी दूसरी पीढ़ी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि यूजीसी वर्ष 2012 से लागू है, लेकिन 13 जनवरी को लाए गए नए प्रावधानों में कमेटी से सवर्ण समाज को बाहर कर दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांग की कि संशोधन कर कमेटी में सवर्णों को शामिल किया जाए। साथ ही झूठी शिकायतों पर सख्त सजा का प्रावधान करने की भी मांग उठाई।यूजीसी बिल के विरोध की इस कड़ी में अब भाजपा के अन्य छोटे नेता भी खुलकर सामने आने लगे हैं। भाजपा किसान मोर्चा के नेता रमेश बहादुर सिंह ने पार्टी के सवर्ण विधायकों और सांसदों को चूड़ियां भेजकर अपना विरोध जताया। वहीं सलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष श्यामसुंदर त्रिपाठी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।श्यामसुंदर त्रिपाठी ने बताया कि वे अपना इस्तीफा किसी संगठन पदाधिकारी को नहीं, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री को भेजेंगे। उन्होंने यूजीसी बिल को सवर्ण समाज के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा है।

