निर्जला एकादशी पर काशी में भक्ति का महासंगम, 1008 कलशों से हुआ बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को काशी में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ का 1008 कलशों के पवित्र जल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया गया। इस दौरान शिवभक्तों ने “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।सुबह करीब 7 बजे श्रद्धालुओं ने राजेंद्र प्रसाद घाट से गंगाजल लेकर भव्य कलश यात्रा की शुरुआत की।
यात्रा में सबसे आगे 11 रजत कलश रखे गए थे, जिनमें झेलम, चिनाव, रावी, व्यास, गोदावरी सहित काशी, हरिद्वार और ऋषिकेश का पवित्र जल भरा गया था। श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ इन कलशों के पीछे चलते हुए बाबा के धाम तक पहुंचे। करीब दो किलोमीटर लंबी इस भव्य यात्रा में भगवान शिव और माता पार्वती की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने भक्ति गीतों और भजनों पर नृत्य करते हुए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पीली साड़ी धारण कर भागीदारी की। निर्जला व्रत रखकर महिलाओं ने मिट्टी के कलशों में गंगाजल भरकर बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया। पूरे मार्ग में भक्तों का उत्साह और आस्था देखने लायक रही।आयोजनकर्ता श्री काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति के अनुसार इस धार्मिक परंपरा की शुरुआत वर्ष 1998 में की गई थी, जो आज एक विशाल आध्यात्मिक आयोजन का रूप ले चुकी है। निर्जला एकादशी पर आयोजित इस जलाभिषेक और कलश यात्रा में काशी के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

