राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एफआईआर के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, जांच तेज

अयोध्या, जनमुख न्यूज़। राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और जांच पूरी होने तक उन्होंने यह निर्णय लिया है।
इस बीच, ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि उन्हें इस्तीफे के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।उधर, चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
यह मामला एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद और गंभीर हो गया है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान एसआईटी की रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी। वहीं विपक्षी दलों ने एफआईआर में ट्रस्ट के किसी बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल न किए जाने पर सवाल उठाते हुए जांच की निष्पक्षता पर भी प्रश्न खड़े किए हैं।
गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी का खुलासा होने के 19 दिन बाद और एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। मुकदमा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। सभी पर साजिश के तहत चढ़ावा राशि में धोखाधड़ी और गबन का आरोप है।एसआईटी की जांच में करोड़ों रुपये की नकदी और सोना-चांदी सहित कीमती आभूषणों में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। अब पुलिस विवेचना में यह स्पष्ट करेगी कि कुल कितनी धनराशि और कितने मूल्य के आभूषणों का गबन हुआ है।
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जाएगी।

