भाजपा ने मनाया ‘संविधान हत्या दिवस’, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीसा बंदियों और लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने वाराणसी में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। इस अवसर पर आपातकाल की घटनाओं को दर्शाती विशेष प्रदर्शनी लगाई गई और मीसा बंदियों तथा लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जगतपुर स्थित गोकुलधाम में आयोजित कार्यक्रम में काशी क्षेत्र के 50 से अधिक मीसा बंदियों और लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने आपातकाल की पीड़ा और लोकतांत्रिक संघर्ष को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना को कुचलने का प्रयास किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर आघात पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया। लोकतंत्र सेनानियों और मीसा बंदियों के संघर्ष एवं बलिदान की बदौलत ही देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना संभव हो सकी।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता का हमेशा सजग रहना आवश्यक है। नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उससे जुड़े संघर्षों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और अधिक मजबूती से की जा सके।
कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष रामसकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजयुमो राजेश राजभर, विधायक सुनील पटेल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे।

