बीएचयू छात्रावास मेस में मारपीट मामला: दोनों पक्षों पर एफआईआर, परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। बीएचयू के राजाराम मोहन राय छात्रावास के मेस में छात्रों के बीच हुई मारपीट के मामले में लंका पुलिस ने बुधवार को दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। यह विवाद आदर्श कुमार और अमित कुमार के बीच हुआ था, जो बाद में पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंच गया।
राजनीतिक विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र अमित कुमार ने लंका थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया है कि इतिहास द्वितीय सेमेस्टर के छात्र आदर्श कुमार समेत पांच छात्रों ने उसके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। अमित के अनुसार, आदर्श ने एक निजी ग्रुप में उसे धमकी देते हुए राजाराम मोहन राय छात्रावास के कमरा संख्या 211 में बुलाया। वहां न पहुंचने पर शाम करीब 4:50 से 5 बजे के बीच फोन कर केंद्रीय ग्रंथालय के पास आने की धमकी दी गई।
उधर, आदर्श कुमार ने भी मंगलवार को लंका थाना प्रभारी को तहरीर देकर मेस में कुछ छात्रों द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने की शिकायत की थी। इसी मामले को लेकर बुधवार को राजाराम हॉस्टल के छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के पास प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जानबूझकर आदर्श को कार्यालय में बैठाए रखा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया अन्य सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
इस बीच, बीएचयू परिसर में छात्रों के बीच बढ़ती मारपीट और बलवे जैसी घटनाओं को देखते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड और लंका पुलिस सतर्क हो गई है। एहतियातन बुधवार को रुइया हॉस्टल के पास आरएएफ की एक टुकड़ी तैनात की गई।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने बताया कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर 29 जनवरी और 3 फरवरी को रैली निकाली गई थी, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि परिसर में किसी भी प्रकार की रैली नहीं निकाली जानी चाहिए।

