पॉक्सो मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सुप्रीम कोर्ट से राहत, याचिका खारिज

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। चर्चित पॉक्सो मामले में जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
यह याचिका शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दाखिल की गई थी। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य पर नाबालिग बटुकों के कथित यौन शोषण का आरोप लगाया था। इस मामले में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों को अग्रिम जमानत प्रदान की थी।हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।इस समय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद “गाय माता को राष्ट्रमाता घोषित करने” के अभियान के तहत गविष्ठि यात्रा पर हैं, इसलिए उनकी सीधी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं, उनके समर्थकों और शिष्यों में फैसले को लेकर खुशी का माहौल है।
स्वामी के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह साबित हो गया कि “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने इसे न्याय और सनातन परंपरा की जीत बताया।फैसले के बाद स्वामी समर्थकों और सनातन धर्म से जुड़े लोगों में उत्साह देखा गया।

