जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट को लेकर पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के खिलाफ प्रदर्शन, कचहरी परिसर में हुई नारेबाजी

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट और रथयात्रा मेले के प्रबंधन को लेकर मंगलवार को कचहरी परिसर में पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “त्राहिमाम, माफिया से धर्म बचाओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा जनभावनाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ट्रस्ट के संचालन से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए। इसी संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के लिए पहुंचे मंदिर के पुजारी रत्नेश चतुर्वेदी ने बताया कि उनके परिवार के 15 सदस्य सभी जगन्नाथ मंदिर में रहते हैं और पॉच पीढ़ियों से 4 बजे भोर से रात्रि शयन आरती तक निरंतर पूरी निष्ठा, श्रद्धा, परम्परा विश्वास के साथ करते चले आ रहे है।
सत्रहवीं शताब्दी में महन्त स्वामी नित्यानन्द पूरी शंकराचार्य के शिष्य थे और मंदिर का संचालन मठ से होता था। 16 अगस्त 1781 में काशी के राजा चेत सिंह व वारने हेस्टिंग युद्ध में पराजित वारेन हेस्टिंग की जान बचाने के लिये ट्रस्टी दीपक शाहपुरी और उनके परिवार को अंग्रेजों ने राय साहब की उपाधि व भगवान जग्गनाथ मंदिर समेत सुन्दरवन दे दिया।
वाराणसी के प्राचीन स्थयात्रा मेला की सारी जमीनें मंदिर के पास नहीं बची और हम को कब्जेदार बताया जा रहा है। हमारे परिवार को जबरदस्ती माफिया बृजेश सिंह के गुर्गो द्वारा अपमानित किया जा रहा है। आवास छोड़ने की धमकी दी जा रही है। शाहपुरी परिवार भी पूरी तरह से संलिप्त है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह वाराणसी के प्रसिद्ध रथयात्रा मेले और अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी (अध्यक्ष) हैं। ट्रस्ट के संचालन और प्रबंधन को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को कचहरी परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया।फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया है।

