अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, हॉर्मुज स्ट्रेट पर फिर हमले; ट्रंप बोले- 20 गुना ताकत से देंगे जवाब

नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई जहाजों पर हुए हमलों का जवाब है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में किसी अमेरिकी हित या जहाज को निशाना बनाया तो अमेरिका उससे 20 गुना अधिक ताकत से जवाब देगा।
दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक करार देते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि बंदर अब्बास, बुशेहर, चाबहार, जास्क और अबू मूसा द्वीप सहित कई क्षेत्रों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि अमेरिकी क्रूज मिसाइल ने उत्तरी गोलिस्तान प्रांत के अककला क्षेत्र में आक टेका खान ब्रिज के पास हमला किया। हालांकि, संगठन का कहना है कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। साथ ही अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा गया कि इस कार्रवाई का “करारा जवाब” दिया जाएगा।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने भी अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी जनता अमेरिका से डरने वाली नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरानियों की ओर से करारे जवाब का इंतजार करें।”
उधर कुवैत की सेना ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। बहरीन ने भी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कतर ने भी सुरक्षा कारणों से हाई अलर्ट घोषित करते हुए लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की थी। हालांकि कुछ समय बाद नया अलर्ट जारी कर कहा गया कि तत्काल खतरा टल गया है और लोग सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकते हैं।
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि व्हाइट हाउस की सर्वोच्च प्राथमिकता हॉर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना है। उनका आरोप है कि ईरान ने संघर्ष विराम जैसी शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके चलते सैन्य कार्रवाई जारी रखी जा रही है।
वहीं, क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।

