रिटायर्ड एआरटीओ के घर विजिलेंस का बड़ा छापा, 13 किलो सोना, 1.62 करोड़ नकद और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर करीब 26 घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, हीरे के आभूषण और करोड़ों रुपये के निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
विजिलेंस की तलाशी में घर से 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, हीरे के आभूषण और 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले। सरकार से मान्यता प्राप्त वैल्यूअर द्वारा आकलन में बरामद सोने-चांदी और आभूषणों की कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
जांच के दौरान अधिकारियों को कई लॉकर मिले, जिनमें सोने-चांदी के बिस्किट, आभूषण और बड़ी मात्रा में नकदी रखी गई थी। इसके अलावा 13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए। तलाशी में टोयोटा इनोवा, हुंडई आई-20 कार, एक रिवॉल्वर तथा बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रमाण भी मिले हैं।विजिलेंस के अनुसार, जांच में ललित कुमार की वैध आय 93.26 लाख रुपये पाई गई, जबकि चल-अचल संपत्तियों और अन्य मदों पर उनका खर्च 1.61 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। यानी उन्होंने अपनी आय से 68.66 लाख रुपये (करीब 73.6 प्रतिशत) अधिक खर्च किए।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।जांच में यह भी सामने आया कि आवास की साज-सज्जा और घरेलू उपकरणों पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। ललित कुमार मूल रूप से रायबरेली के नूर मार्केट, मिलन सिनेमा गली के निवासी हैं। वह वर्ष 2010-11 में रायबरेली एआरटीओ कार्यालय में क्षेत्रीय निरीक्षक (आरआई) के पद पर भी तैनात रहे थे। इससे पहले वह रोडवेज में फोरमैन के पद पर कार्यरत थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले ललित कुमार रायबरेली आए थे और कोर्ट के आदेश के बाद अपने मकान की एक दुकान का कब्जा लिया था। फिलहाल विजिलेंस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और बरामद संपत्तियों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

