सीएम योगी ने लॉन्च की शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, बोले- कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने वाराणसी दौरे के दौरान बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की और शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए एमओयू का भी शुभारंभ कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह केवल शिक्षकों और अभिभावकों ही नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि बच्चों की मजबूत शिक्षा ही विकसित भारत की नींव है।
उन्होंने प्रदेश के 1.10 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में 1320 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने पर बधाई दी। साथ ही बताया कि नई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये और अन्य शिक्षा कर्मी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण भारत अभियान के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार दक्ष बनाया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों का वातावरण स्वच्छ, अनुशासित और प्रेरणादायक बनाने का आह्वान किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब नकलमुक्त परीक्षा व्यवस्था लागू है और युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आचार्य चाणक्य और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे महान व्यक्तित्व हमारे आदर्श होने चाहिए, जिनके विचारों से राष्ट्र मजबूत बनता है।
शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
नई योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा विद्यालयों के कर्मचारी, रसोइये तथा उनके आश्रित परिवारों को सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार प्रति लाभार्थी लगभग 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम वहन करेगी और इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 447 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
1.10 करोड़ बच्चों को डीबीटी से मिली सहायता
सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, स्वेटर और स्टेशनरी खरीदने हेतु 1,320 करोड़ रुपये सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजे हैं।
शिक्षकों को मिलेगा बीमा सुरक्षा कवच
बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौते के तहत लगभग 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, विकलांगता बीमा सहित कई सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

