पूर्वोत्तर रेलवे की संसदीय बैठक में उठे जनसुविधाओं के मुद्दे, सांसदों ने नई ट्रेनें और ठहराव बहाली की मांग की

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय में मंगलवार को आयोजित संसदीय बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों के सांसदों ने अपने-अपने इलाकों की रेल सुविधाओं से जुड़े मुद्दे जोरदार ढंग से उठाए। बैठक में नई ट्रेनों के संचालन, बंद पड़े ठहरावों की बहाली, यात्री सुविधाओं के विस्तार और अंडरपासों में जलभराव जैसी समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई।
छपरा सांसद राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 11 सांसदों और 14 सांसद प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छ पेयजल, बेहतर शौचालय, यात्री सुविधाओं और अंडरपासों में जलजमाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया।
बैठक में वाराणसी-लखनऊ शटल एक्सप्रेस को कानपुर तक विस्तारित करने की मांग प्रमुखता से सामने आई। सांसदों का कहना था कि इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ मिलेगा। वहीं, कोरोना काल के दौरान बंद किए गए कई ट्रेनों के ठहरावों को दोबारा शुरू करने का भी आग्रह किया गया, जिस पर रेलवे अधिकारियों ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
राजीव प्रताप रूडी ने छपरा, छपरा कचहरी और आसपास के स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने की मांग करते हुए मौर्य एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस और लिच्छवी एक्सप्रेस के बंद ठहरावों को पुनः बहाल करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही कामायनी एक्सप्रेस और बलिया-नई दिल्ली सुपरफास्ट को छपरा तक विस्तारित करने तथा छपरा-सिवान और बलिया-पटना के बीच कार्यालय समय के अनुरूप मेमू/डीएमयू सेवाएं शुरू करने की मांग की।राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने शिवगंगा एक्सप्रेस और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में प्रस्थान से पहले वातानुकूलित प्रथम श्रेणी में बेडरोल उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सेनेटरी नैपकिन डिस्पेंसर तथा बिक्री व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने बनारस, वाराणसी जंक्शन और वाराणसी सिटी के बीच लोकल ट्रेन या रेल बस चलाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही वाराणसी क्षेत्र के अंडरपासों में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी ने गाजीपुर सिटी-मऊ नई रेल लाइन परियोजना की प्रगति की जानकारी मांगी। उन्होंने गाजीपुर और यूसुफपुर क्षेत्र की विभिन्न रेलवे क्रॉसिंगों पर रेल ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव रखा। साथ ही यूसुफपुर स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल कर विकसित करने और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के ठहराव को बहाल करने की मांग की।
घोसी सांसद राजीव राय ने मऊ और आसपास के रेलखंडों में अंडरब्रिज एवं अंडरपास निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मऊ स्टेशन पर निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज को सईद रोड तक विस्तारित करने का सुझाव भी दिया।चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने बनारस से डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी के लिए नई ट्रेनें शुरू करने की मांग रखी। साथ ही चंद्रवती रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास निर्माण और जलस्तर की दोबारा जांच कराने का प्रस्ताव दिया।
जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने कोरोना काल से बंद ट्रेनों और ठहरावों को बहाल करने की मांग करते हुए जौनपुर सिटी स्टेशन पर हरिहरनाथ एक्सप्रेस, ओखा एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की आवश्यकता बताई।
उन्होंने भी वाराणसी-लखनऊ शटल एक्सप्रेस को कानपुर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा।बैठक में रेलवे अधिकारियों ने सांसदों के सुझावों और मांगों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सांसदों ने उम्मीद जताई कि लंबित परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर जल्द अमल होगा, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा।

