मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक साथ: 14 जनवरी 2026 को खिचड़ी दान को लेकर क्या कहती हैं शास्त्रों की मान्यता

मकर संक्रांति को उत्तर भारत में खिचड़ी पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ स्नान, दान-पुण्य और सूर्य उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। हालांकि वर्ष 2026 में मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन, 14 जनवरी को पड़ने से श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी दान को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

हिंदू पंचांग के अनुसार बुधवार, 14 जनवरी 2026 को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी भी रहेगी। मकर संक्रांति सूर्य उपासना और दान का पर्व है, जबकि एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित व्रत तिथि मानी जाती है। दोनों पर्वों का एक साथ पड़ना इस दिन धार्मिक नियमों के पालन को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।धर्मशास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन और दान वर्जित होता है। मान्यता है कि एकादशी पर चावल के प्रयोग से व्रत का फल नष्ट हो सकता है। चूंकि खिचड़ी में चावल मुख्य सामग्री होता है, इसलिए इस दिन खिचड़ी दान को लेकर संशय उत्पन्न होता है।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

ज्योतिषाचार्यों और धर्मशास्त्रों के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को चावल से बनी खिचड़ी का दान करना एकादशी नियमों के विपरीत होगा। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि मकर संक्रांति का दान नहीं किया जाए। श्रद्धालु तिल, गुड़, घी, कंबल, वस्त्र और तिल से बनी खिचड़ी का दान कर सकते हैं। वहीं चावल से बनी खिचड़ी का दान द्वादशी तिथि यानी 15 जनवरी 2026 को करना शास्त्रसम्मत माना गया है।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

इस दिन षटतिला एकादशी व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करना और सूर्य देव की उपासना करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस तरह सही तिथि और सही वस्तुओं का चयन कर श्रद्धालु मकर संक्रांति और एकादशी—दोनों पर्वों का पूर्ण पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।

इसे भी पढ़े-
गणेश चतुर्थी 2024: विशेषता और महत्व
Ganesh Chaturthi 2024

गणेश चतुर्थी का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय स्थान रखता है। यह पर्व भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता Read more

पर्यावरण के महान संरक्षक और सम्मानक थे ‘बाबा नानक’

जनमुख : धर्म-कर्म।  गुरूनानक देव जी ने केवल भारत देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने ज्ञान प्रकाश द्वारा Read more

जब लालची आदमी ने नहीं पिलाया गुरु नानक देव जी को पानी

जनमुख न्यूज। गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ यात्रा किया करते थे एक बार गांव के तरफ से Read more

मान्यताएं व परम्परा का वैशिष्टय स्वरूप है ‘देव दीपावली उत्सव’

जनमुख,न्यूज। निर्णय सिधु एवं स्मृति कौस्तुभी में उल्लेखित ‘देव दीपावली पुरातन काल से पौराणिक मान्यताएं एवं कथाओं पर प्रचलित है। Read more

Spread the love

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *