मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण की हैट्रिक के साथ बनाए चार रिकॉर्ड

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। भारतीय स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 48 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। ग्लास्गो में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को पहला स्वर्ण और कुल तीसरा पदक दिलाया। इसके साथ ही मीराबाई ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इससे पहले वह 2018 और 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
मीराबाई ने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। उनके कुल 190 किलोग्राम के प्रदर्शन के सामने अन्य खिलाड़ी काफी पीछे रह गए। नाइजीरिया की रुथ असुक्यो नियोंग ने 168 किलोग्राम के साथ रजत, जबकि मलेशिया की इरेने जाने हेनरी ने 167 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।
प्रतियोगिता के दौरान मीराबाई ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। स्नैच के पहले प्रयास में 82 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की और फिर तीसरे प्रयास में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बना दिया। यह महिलाओं के स्नैच वर्ग में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर मीराबाई ने इस वर्ग का भी नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। वहीं 190 किलोग्राम के कुल वजन के साथ उन्होंने कुल प्रदर्शन का भी नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ मीराबाई चानू ने एक ही प्रतियोगिता में चार रिकॉर्ड स्थापित किए और साबित कर दिया कि वह भारत की महानतम भारोत्तोलकों में से एक हैं। उनका यह स्वर्ण पदक केवल एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय बन गया।

