पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर वाराणसी में एक दिवसीय उपवास, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और सरकारी शिक्षा को मजबूत करने की मांग को लेकर साझा संस्कृति मंच के बैनर तले शनिवार को शास्त्री घाट (वरुणापुल) पर एक दिवसीय उपवास आयोजित किया गया। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
आयोजकों का कहना है कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं, शिक्षा के निजीकरण तथा सरकारी स्कूलों की उपेक्षा से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मंच ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
साझा संस्कृति मंच ने अपने वक्तव्य में कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन और अनशन के समर्थन में वाराणसी में यह उपवास आयोजित किया गया। मंच ने आंदोलनकारियों से संवाद कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की भी अपील की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर नारे लिखे हुए प्लेकार्ड भी प्रदर्शित किए। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग, पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने तथा सभी छात्रों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक और अन्य आंदोलनकारियों से सरकार द्वारा वार्ता शुरू करने की भी मांग उठाई गई।
उपवास कार्यक्रम में नंदलाल मास्टर, रामजनम यादव, फादर आनंद, डॉ. धनंजय त्रिपाठी, जागृति राही, एडवोकेट अबू हाशिम, एडवोकेट अब्दुल्लाह, ज्योति गुप्ता, डॉ. अनूप श्रमिक, एकता शेखर समेत विभिन्न सामाजिक, छात्र और नागरिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल रहे।

