‘सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज’ से काशी में आधुनिक भीड़ प्रबंधन और स्मार्ट मोबिलिटी को मिलेगी नई दिशा

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक शहरी प्रबंधन और सतत परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में रविवार को होटल क्लार्क में ‘सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा रहे।
अपने संबोधन में मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि काशी विश्व के सबसे प्राचीन जीवंत शहरों में से एक है और इसकी सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास का प्रत्येक मॉडल ऐसा होना चाहिए, जिसमें विरासत संरक्षण और आधुनिक शहरी प्रबंधन के बीच संतुलन बना रहे।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में सड़क, घाट, पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है। इसके परिणामस्वरूप देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुगम आवागमन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, डेटा आधारित योजना और नवाचार अपनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मोबिलिटी, तकनीकी समाधान और जनभागीदारी के माध्यम से काशी को सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज’ जैसे कार्यक्रम विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का मंच बनेंगे तथा यहां से मिलने वाले सुझाव भविष्य की शहरी योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कार्यक्रम में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि काशी की संकरी गलियों, घनी आबादी और लगातार बढ़ रहे श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के लिए नवाचार आधारित मॉडल विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाएं ऐसी हों, जो शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम शहरी सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।

