बीएड परीक्षा के बाद वाराणसी स्टेशन पर छात्रों का हंगामा, अव्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा संपन्न होने के बाद घर लौट रहे परीक्षार्थियों को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। भीड़, पेयजल की कमी, मोबाइल चार्जिंग की समस्या और ट्रेनों के इंतजार से परेशान छात्रों ने रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।बिहार समेत विभिन्न जिलों से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें वाराणसी पहुंचने के बाद परीक्षा केंद्र खोजने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिहार के जहानाबाद निवासी परीक्षार्थी आशीष आनंद ने बताया कि केंद्रों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न होने के कारण उन्हें स्थानीय लोगों, ऑटो चालकों और बस संचालकों से पूछताछ कर किसी तरह परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा।परीक्षा समाप्त होने के बाद जब बड़ी संख्या में छात्र रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वहां भीड़ का दबाव बढ़ गया। परीक्षार्थियों के अनुसार स्टेशन परिसर में इतनी भीड़ थी कि कई जगह खड़े होने तक की पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी। कई छात्रों को अपनी ट्रेन के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।छात्रों ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद स्टेशन पर पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। वहीं मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट्स की संख्या भी बेहद कम थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई छात्र अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए स्टेशन परिसर में इधर-उधर भटकते नजर आए।परीक्षार्थियों ने प्रशासन द्वारा घोषित विशेष ट्रेनों और बेहतर व्यवस्थाओं के दावों पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि कागजों पर सुविधाओं की बात जरूर की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखीं। कई अभ्यर्थियों को एक घंटे से अधिक समय तक ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
हालांकि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन ने प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त ट्रेनों, पर्याप्त पेयजल, मोबाइल चार्जिंग सुविधाओं और बेहतर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दावे किये थे। लेकिन सारे दावे खोखले साबित हुए।


