प्रह्लाद घाट पर शराब ठेके के विरोध में उबाल, महिलाओं का धरना, पार्षद पर संरक्षण के आरोप

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रह्लाद घाट पर शराब और बीयर का ठेका खुलने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र माने जाने वाले इस स्थान पर ठेका खुलने से नागरिकों ने इसे आस्था पर चोट बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है, जो अब धीरे-धीरे जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।स्थानीय लोगों ने ठेका हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
इस विरोध में महिलाओं की बड़ी भागीदारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक ठेका बंद नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।स्थानीय निवासी शिवकुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि जहां ठेका खोला गया है, वहीं हर साल नवरात्रि में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना होती है। ऐसे स्थान के पास शराब की दुकान खोलना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है।
विवाद के बीच एक और गंभीर आरोप सामने आया है कि जिस भवन में ठेका संचालित हो रहा है, उसे पहले अवैध निर्माण के चलते सीज किया गया था। इसके बावजूद वहां शराब की दुकान खुलना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। स्थानीय महिला शिपु का कहना है कि ठेके पर आने वाले लोग महिलाओं और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं, जिससे इलाके में असुरक्षा का माहौल बन गया है।
इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें स्थानीय भाजपा पार्षद अभिजीत भारद्वाज उर्फ लकी एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आए। आरोप है कि यह घटना ठेके के विरोध से जुड़ी है और पार्षद ठेकेदार को संरक्षण दे रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए विमल मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, लोगों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है।फिलहाल प्रशासन मामले को संभालने में जुटा है, लेकिन यह देखना अहम होगा कि स्थानीय लोगों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है और यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

