पीएम मोदी ने देशवासियों से फिर की अपील: तेल बचाएं, विदेशी खर्च घटाएं और भारत में ही करें पर्यटन

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ईंधन की बचत करने और विदेशी वस्तुओं व यात्राओं पर खर्च कम करने की अपील की। गुजरात के वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर संकटों में से एक है और ऐसे समय में देशवासियों को जिम्मेदारी के साथ संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि जिस तरह भारत ने कोविड-19 महामारी जैसी चुनौती से मजबूती के साथ उबरकर दुनिया में अपनी पहचान बनाई, उसी तरह वर्तमान वैश्विक संकट से भी देश सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त हो सके।
कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने ‘सरदारधाम-3’ शैक्षणिक संकुल का उद्घाटन किया और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का सपना सरदार पटेल के संकल्प से ही साकार हुआ था। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्हें सोमनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित अमृत महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि जब भी देश युद्ध या किसी बड़े संकट से गुजरा है, तब नागरिकों ने सरकार के आह्वान पर जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि निजी वाहनों का कम उपयोग करें, सार्वजनिक परिवहन अपनाएं और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत कई वस्तुओं के आयात पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करता है। ऐसे में लोगों को गैर-जरूरी विदेशी खर्चों से बचना चाहिए। उन्होंने सोना खरीदने, विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे खर्चों को फिलहाल टालने की सलाह देते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने लोगों से देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील भी की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से अनेक सुंदर स्थान मौजूद हैं, जहां लोग अपने बच्चों को देश की विरासत और संस्कृति से परिचित करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना भी राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

