दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा में बगावत, जिलाध्यक्ष समेत सैकड़ों पदाधिकारियों के इस्तीफे

दतिया, (म.प्र) जनमुख न्यूज़। विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने के बाद पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। नाराज कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को दतिया-झांसी हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन किलोमीटर लंबा वाहनों का जाम लग गया। टिकट वितरण के विरोध में भाजपा जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया और पार्टी छोड़ने की चेतावनी भी दी है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह घोषित प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से स्थानीय कार्यकर्ता परिचित नहीं हैं और यह फैसला कार्यकर्ताओं की भावनाओं के विपरीत है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा कि प्रत्याशी चयन में जमीनी कार्यकर्ताओं की राय की अनदेखी की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया तो वे और उनके साथ सैकड़ों पदाधिकारी पार्टी के सभी दायित्वों के साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे।
इस्तीफा देने वालों में जिलाध्यक्ष के अलावा जिला पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, पार्षद तथा दतिया विधानसभा के 291 बूथों के अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।रघुवीर सिंह कुशवाहा ने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया की पहचान हैं और उनके बिना चुनाव लड़ना संभव नहीं है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों तक क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने वाले नेता की उपेक्षा कर नए चेहरे को थोपना कार्यकर्ताओं का अपमान है।
शाम होते-होते बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता झांसी हाईवे पर एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान “नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद”, “टिकट बदलो” और “आशुतोष वापस जाओ” जैसे नारे लगाए गए। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर एसडीएम, सीएसपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर करीब एक घंटे बाद यातायात आंशिक रूप से बहाल कराया। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी नेतृत्व ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।

