गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग, वाराणसी में संतों ने बुलडोजर के साथ डीएम कार्यालय का किया घेराव

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। सोमवार को गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने और गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाए जाने की मांग को लेकर संत समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 150 संत, बटुक और गोसेवकों ने शिवपुर मिनी स्टेडियम से जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रार्थना एवं जनजागरण यात्रा निकाली और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सुबह शुरू हुई लगभग 2.4 किलोमीटर लंबी यात्रा में बुलडोजर पर 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन, पूजन सामग्री और अन्य दस्तावेज रखे गए थे। यात्रा में गोमाता भी शामिल रही। साधु-संतों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया।डीएम कार्यालय पहुंचने के बाद संतों और बटुकों ने परिसर में करीब एक घंटे तक भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार किया।
इस दौरान उन्होंने गो संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए। बाद में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ने मौके पर पहुंचकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने, देशभर में गोहत्या पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्रीय कानून बनाने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना सहित 30 से अधिक मांगें सरकार के समक्ष रखी गईं।
पातालपुरी पीठ के प्रमुख जगद्गुरु बालकदास ने बताया कि ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है, जिसमें करोड़ों लोगों का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि इन हस्ताक्षरों की प्रतियां देश के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों को सौंपी जा रही हैं, ताकि केंद्र सरकार तक जनभावनाएं पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि संत समाज की मांग है कि गोवंश की सुरक्षा के लिए ऐसा सख्त कानून बनाया जाए, जिससे देश में गोहत्या पर प्रभावी रोक लगे और गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

