श्रावणी तीज मेले में दिखा नारी शक्ति और लोक संस्कृति का संगम, 70 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। महमूरगंज स्थित शुभम बैंक्वेट एंड हॉल में शनिवार को महिला मंडल काशी द्वारा आयोजित श्रावणी तीज मेला-2026 पारंपरिक उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। संस्था के 51 वर्षों की सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवाभावी यात्रा को समर्पित इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
मेले में वाराणसी सहित कोलकाता, अहमदाबाद, कानपुर, दिल्ली, प्रयागराज, कोटा, पटना, बेंगलुरु और जयपुर से आई महिला उद्यमियों ने 70 से अधिक स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, गृह सज्जा, खाद्य सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन और लोक कला से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की गई। महिलाओं ने अपने हुनर और स्वरोजगार की उत्कृष्ट झलक पेश की।
महिला मंडल काशी की अध्यक्षा रीता प्रकाश और मंत्रिणी पल्लवी अग्रवाल ने बताया कि संस्था की स्थापना वर्ष 1934 में रत्नेश्वरी देवी की प्रेरणा और सेवा भावना से हुई थी। बाद में काशी के प्रतिष्ठित परिवारों की महिलाओं ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महिलाओं को पर्दा प्रथा से बाहर लाने के सामाजिक अभियान में भी संस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम संयोजिका बेला अग्रवाल, मालिनी चौधरी, श्वेता शाह और सीमा अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष मेले का दायरा पहले से अधिक व्यापक रखा गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पूरे मेले को प्लास्टिक मुक्त रखा गया।कार्यक्रम में महिला मंडल की पूर्व अध्यक्षाओं मृदुला रानी, वीणा गुप्त, अवंतिका गुप्त, डॉ. रूबी शाह, अलका देवा, प्रेमा अग्रवाल और मंजू अग्रवाल सहित शहर की कई समाजसेवी, शिक्षाविद, महिला उद्यमी और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।

