राष्ट्रमंडल खेल: भारतीय मुक्केबाजों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 7 स्वर्ण सहित सर्वश्रेष्ठ अभियान का समापन

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स न्यूज़। राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अभियान का शानदार समापन किया। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7 स्वर्ण, 3 रजत सहित 10 पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। महिला मुक्केबाजों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय अभियान की अगुवाई की, जबकि पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
महिला वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लंबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया घंघास (60 किग्रा) ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किग्रा) ने रोमांचक मुकाबले में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को 4-1 से मात देकर भारत का सातवां स्वर्ण पदक दिलाया।
इसके अलावा जादूमणि सिंह (55 किग्रा) और नरेंदर बेरवाल (90+ किग्रा) को अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में हार के बाद रजत पदक मिला।
भारतीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन के दौरान स्टेडियम में “भारत माता की जय” और “इंडिया-इंडिया” के नारों से माहौल गूंज उठा। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के तीन स्वर्ण और सात पदकों के अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मुक्केबाजी में अब तक का सबसे सफल अभियान पूरा किया।

